जिला प्रालेख

जिला राजनांदगांव 26 जनवरी 1973 को तात्कालिक दुर्ग जिले से अलग हो कर अस्तित्व में आया. रियासत काल में राजनांदगांव एक राज्य के रूप में विकसित था एवं यहाँ पर सोमवंशी, कलचुरी एवं मराठाओं का शासन रहा. पूर्व में यह नंदग्राम के नाम से जाना जाता था. यहाँ की रियासत कालीन महल, हवेली राज मंदिर इत्यादि स्वयं इस जगह की गौरवशाली समाज, संस्कृति, परंपरा एवं राजाओं की कहानी कहता है. साहित्य के क्षेत्र में श्री गजनानद माधव मुक्तिबोध, श्री पदुमलाल पुन्नालाल बक्षी एवं श्री बल्देव प्रसाद मिश्रा का योगदान विशिष्ठ रहा है. 1 जुलाई 1998 को इस जिले के कुछ हिस्से को अलग कर एक नया जिला कबीरधाम की स्थापना हुई. जिला राजनांदगांव छत्तीसगढ़ राज्य के मध्य भाग में स्थित है. जिला मुख्यालय राजनांदगांव दक्षिण-पूर्व रेलवे मार्ग स्थित है.राष्ट्रीय राज़ मार्ग 6 राजनांदगांव शहर से हो कर गुजरता है. नजदीकी हवाई अड्डा माना (रायपुर) यहाँ से करीब 80 किलोमीटर की दुरी पर है.

मंत्री पुरस्कार
छत्तीसगढ़ में लोक सूरज अभियान
राजनांदगांव के तीन प्रमुख साहित्यिक - पद्ममल पन्नालाल बक्षी, बलदेव प्रसाद मिश्रा, गजानन माधव मुक्तिबोध
राजनांदगांव की गार्डन चित्र
राजनांदगांव

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